राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान

+91-11-25307103 / 104            director@mrcindia.org

राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान

छात्रों के लिए अनुसंधान / प्रशिक्षण के अवसर

 

राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान

छात्रों के लिए अनुसंधान / प्रशिक्षण के अवसर

 

राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान में अनुसंधानिक गतिविधियां :

राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान मलेरिया और अन्य रोग वाहक जनित संक्रामक रोगों के मौलिक, अनुप्रयुक्त व प्रचालन संबंधी पहलुओं पर क्षेत्रीय और प्रयोगशाला उन्मुख विषयों में अत्याधुनिक अनुसंधान कार्य के लिए, राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान है। जबकि क्षेत्रीयोन्मुख अनुसंधान, मुख्य रुप से देश के विभिन्न मलेरिया स्थानिक क्षेत्रों में स्थित 10 सुस्थापित क्षेत्रीय र्इकाइयों में संचालित किया जाता है और नर्इ दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान में अनुसंधान की अनुसंधानिक गतिविधियां प्रमुख रुप से क्षेत्रीय र्इकाइयों के साथ ही निकटवर्ती क्षेत्रों के सहयोग से प्रयोगशाला-आधारित पद्द्वतियों द्वारा संचालित होती हैं। मलेरिया से जुड़े सभी तीनों जीवों (मलेरिया परजीवियों, रोगवाहकों और मनुष्यों) से संबंधित अनुसंधान कार्य विभिन्न क्षेत्रों में दक्षता प्राप्त वैज्ञानिकों द्वारा भिन्न विषयों में निष्पादित किया जाता है। राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान में मलेरिया के रोग विषयक एवं औषध-विज्ञान पहलुओं पर सक्रिय रूप से शोध कार्य निष्पादित किया जाता है। रा.म.अ.सं. के प्रत्येक वैज्ञानिक की दक्षता का विवरण www.mrcindia.org/scientist.htm पर उपलब्ध है।

 

राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान में छात्र प्रशिक्षण गतिविधियां

रा.म.अ.सं के वैज्ञानिकों द्वारा आरंभ की गई विभिन्न परियोजनाओं में  अनुसंधान के लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु देश के अति उत्साही और महत्वाकांक्षी युवाओं की सक्रिय भागीदारी के लिए संस्थान उनके जीविकोपार्जन के प्रारंभिक चरण में दोनों स्तरों (स्नातकोत्तर और डॉक्टोरल) पर समर्थन करता है| तदानुसार, रा.म.अ.सं. में छात्रों हेतु दो स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं: (1) किसी मान्यता प्राप्त भारतीय विश्व विद्यालय से स्नातकोत्तर शोध प्रबन्ध हेतु 3-6 महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम (2) पीएच. डी. डिग्री छात्रों हेतु डॉक्टरल प्रशिक्षण। डॉक्टरल प्रशिक्षण कार्यक्रम एनआईएमआर ने विभिन्न मान्यता प्राप्त  भारतीय विश्व विद्यालयों से सम्बद्ध  होकर शुरु किया है।

 

छात्रों की सामान्य पात्रता: स्नातकोत्तर प्रशिक्षण कार्यक्रम:

किसी भी मान्यता प्राप्त विश्व विद्यालय में विभिन्न स्नातकोत्तर डिग्री कार्यक्रम में नामांकित छात्र।

पीएच. डी. कार्यक्रम :  वे छात्र जिन्होंने जीवन विज्ञान की किसी भी शाखा में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है और साथ ही सीएसआर्इआर- यूजीसी/आर्इसीएमआर/डीबीटी द्वारा आयोजित नेट (जेआरएफ) की परीक्षा उत्तीर्ण की हो|

 

आवेदन एवं चयन की प्रक्रिया :

स्नातकोत्तर शोध प्रबन्ध कार्यक्रम: वे छात्र जो अपने स्नातकोत्तर शोध प्रबन्ध को राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान में पूर्ण करने के इच्छुक हैं । वे अपने पूर्ण जीवन वृत के साथ प्रारुप के अनुसार (यहां से डाउनलोड करें) आवेदन-पत्र और कॉलेज/विश्व विद्यालय के प्राचार्य/विभाग प्रमुख से सिफारिशी पत्र निदेशक, रा.म.अ.सं.  को भेज सकते हैं। योग्यता प्राप्त अभ्यर्थियों को आरंभिक छंटनी के पश्चात व्यक्तिगत विचार विमर्श हेतु रा.म.अ.सं., नर्इ दिल्ली में बुलाया जाएगा तदुपरान्त उन्हें पदों की उपलब्धता अनुसार अनुमति प्रदान की जाएगी। प्रतिवर्ष 1 जनवरी से आरंभ होने वाले छ: माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु आवेदन पत्र की अंतिम तिथि 30 नवम्बर है। प्रतिवर्ष जून मे आरंभ होने वाले ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। कृपया आवेदन पत्र Placement.masters@mrcindia.org. पर प्रेषित करें।

 

पीएच.डी. कार्यक्रम : पीएच.डी.  कार्यक्रम के लिए इच्छुक अभ्यर्थी अपना आवेदन पत्र प्रारुप अनुसार (यहां से डाउनलोड करें) पूर्ण जीवन वृत्त और प्रमाणपत्रों एवं उत्तीर्ण की गर्इ परीक्षाओं की अंकतालिकाओं की सत्यापित प्रतियों के साथ निदेशक, रा.म.अ.सं. को भेज दें| यदि अभ्यर्थी ने सीएसआर्इआर/आर्इसीएमआर/डीबीटी द्वारा  आयोजित नेट (जेआरएफ) की परीक्षा उत्तीर्ण की है तो वे उस प्रमाणपत्र की स्केन की हुई प्रतिलिपि आवेदन पत्र के साथ संलग्न करें| इच्छुक अभ्यर्थी जिन्हें नेट (एनईटी) योग्यता प्राप्त नहीं है , वे भी आवेदन कर सकते हैं किंतु ऐसे छात्र रा.म.अ.सं. के बाहरी परियोजना के तहत जेआरएफ/एसआरएफ के लिए चयन  हो जाने  और रा.म.अ.सं. से संबद्ध विश्व विद्यालय से पूर्व पीएच.डी.  प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ ही पी एच.डी. कार्यक्रम के लिए पंजीकृत होने के उपरांत फेलोशिप प्राप्त कर सकते हैं। पी एच.डी. कार्यक्रमों हेतु आवेदन पत्र पूरे वर्ष प्राप्त किए जाते हैं। कृपया अपने आवेदन ई-मेल द्वारा सभी संगत दस्तावेजों के साथ Placement.phd@mrcindia.org. में भेजें।

कृपया ध्यान दें कि इन दोनों कार्यक्रमों में से किसी भी एक कार्यक्रम हेतु संबंधित वैज्ञानिकों/निदेशक को व्यक्तिगत रुप से भेजे गए आवेदनों की हार्ड कॉपी या ई-मेल द्वारा भेजे जाने पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रारुप के अनुसार आवेदन-प्रपत्र न भेजे जाने पर तुरंत अस्वीकृत कर दिया जाएगा।

 

पाठ्यक्रम की फीस तथा प्रयोगशाला व अन्य सुविधाएं :-

स्नातकोत्तर शोध-प्रबंध कार्यक्रम के लिए: कार्यक्रम में प्रवेश के लिए अनुमति पत्र मिलने के पश्चात् एक समयावधि पाठयक्रम (छ: महीने के प्रशिक्षण हेतु) व (तीन महीने के प्रशिक्षण हेतु) के लिए फीस क्रमश: 20,000/- व 10,000/- के डिमाड ड्राफ्ट, के रुप में  निदेशक राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान, नर्इ दिल्ली के नाम जमा करवाना होगा। कार्यक्रम में शामिल होने से पूर्व, अभ्यर्थियों को विधिवत रुप से भरा हुआ “बौद्धिक संपदा अधिकार प्रपत्र” (अनुमति पत्र प्राप्त करने वाले चयनित छात्रों को उपलब्ध) जमा करवाना होगा जो उस कालेज/विश्वविद्यालय से संबंधित विभाग के प्राचार्य /विभागाध्यक्ष द्वारा विधिवत रुप से हस्ताक्षरित होना चाहिए जहां से छात्र स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम कर रहा है।

 

पीएच.डी. पाठ्यक्रम के लिए:-

स्नातकोत्तर शोध-प्रबंध कार्यक्रम: पीएच.डी.  पाठ्यक्रम के लिए कोर्इ फीस नहीं है। यह फीस अभ्यर्थी की उस विश्व विद्यालय, जहां वह पीएच.डी.  डिग्री के लिए पंजीकृत होगा द्वारा उगाही जा सकती है। दोनों ही स्नातकोत्तर एवं पीएच.डी.  पाठ्यक्रम के लिए चयनित अभ्यर्थी किसी वैज्ञानिक के साथ कार्य करेगें और उन्हें अपने शोध कार्य को पूरा करने हेतु प्रयोगशाला एवं अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करने की पूरी अनुमति है। वे समय-समय पर राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान के नियमों एवं निर्देशों का पालन करने के लिए बद्ध  है।

 

सामान्य निर्देश :

 

राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान में अभी स्नातकोत्तर एवं पीएच.डी. पाठ्यक्रम के छात्रों के लिए कोर्इ आवास सुविधा नहीं है। चयनित छात्रों को स्वयं ही आवास की व्यवस्था करनी होगी। चुने गए छात्रों को रा.म.अ.सं. में व्यक्तिगत रुप से किसी चर्चा में हिस्सा लेने के लिए कोर्इ टी.ए./डी.ए. नहीं दिया जाएगा। रा.म.अ.सं. के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में भर्ती छात्र को किसी भी प्रकार की छात्रवृति नहीं दी जाएगी। नेट(जेआरएफ) उत्तीर्ण शोधकर्ता छात्रों को नियमानुसार फैलोशिप, मकान किराया भत्ता व अनुदान प्राप्त होगा।

 

स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम से जुडी अन्य जानकारी हेतु डॉ. अनूप अन्विकर (anvikar@rediffmail.com ) और पीएच.डी.  पाठ्यक्रम के लिए डॉ. आर.सी. धीमान (dhiman@mrcindia.org) से संपर्क करें।

 

रा.म.अ.सं. मलेरिया के भिन्न-भिन्न पहलुओं पर बाहरी निधि विभिन्न विज्ञानीय परियोजनाओं के अंतर्गत नियमित रूप से वैज्ञानिकों को भर्ती करता है| रा.म.अ.सं. में मलेरिया पर काम करने का अवसर प्राप्त करने के लिए कृपया वेकैंसी सेक्शन पर जाएं(http://mrcindia.org/vacancy.htm)।

 

राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान मलेरिया और अन्य रोग वाहक जनित संक्रामक रोगों के मौलिक, अनुप्रयुक्त व प्रचालन संबंधी पहलुओं पर क्षेत्रीय और प्रयोगशाला उन्मुख विषयों में अत्याधुनिक अनुसंधान कार्य के लिए, राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान है। जबकि क्षेत्रीयोन्मुख अनुसंधान, मुख्य रुप से देश के विभिन्न मलेरिया स्थानिक क्षेत्रों में स्थित 10 सुस्थापित क्षेत्रीय र्इकाइयों में संचालित किया जाता है और नर्इ दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान में अनुसंधान की अनुसंधानिक गतिविधियां प्रमुख रुप से क्षेत्रीय र्इकाइयों के साथ ही निकटवर्ती क्षेत्रों के सहयोग से प्रयोगशाला-आधारित पद्द्वतियों द्वारा संचालित होती हैं। मलेरिया से जुड़े सभी तीनों जीवों (मलेरिया परजीवियों, रोगवाहकों और मनुष्यों) से संबंधित अनुसंधान कार्य विभिन्न क्षेत्रों में दक्षता प्राप्त वैज्ञानिकों द्वारा भिन्न विषयों में निष्पादित किया जाता है। राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान में मलेरिया के रोग विषयक एवं औषध-विज्ञान पहलुओं पर सक्रिय रूप से शोध कार्य निष्पादित किया जाता है। रा.म.अ.सं. के प्रत्येक वैज्ञानिक की दक्षता का विवरण www.mrcindia.org/scientist.htm पर उपलब्ध है।

 

राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान में छात्र प्रशिक्षण गतिविधियां

रा.म.अ.सं के वैज्ञानिकों द्वारा आरंभ की गई विभिन्न परियोजनाओं में  अनुसंधान के लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु देश के अति उत्साही और महत्वाकांक्षी युवाओं की सक्रिय भागीदारी के लिए संस्थान उनके जीविकोपार्जन के प्रारंभिक चरण में दोनों स्तरों (स्नातकोत्तर और डॉक्टोरल) पर समर्थन करता है| तदानुसार, रा.म.अ.सं. में छात्रों हेतु दो स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं: (1) किसी मान्यता प्राप्त भारतीय विश्व विद्यालय से स्नातकोत्तर शोध प्रबन्ध हेतु 3-6 महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम (2) पीएच. डी. डिग्री छात्रों हेतु डॉक्टरल प्रशिक्षण। डॉक्टरल प्रशिक्षण कार्यक्रम एनआईएमआर ने विभिन्न मान्यता प्राप्त  भारतीय विश्व विद्यालयों से सम्बद्ध  होकर शुरु किया है।

 

छात्रों की सामान्य पात्रता: स्नातकोत्तर प्रशिक्षण कार्यक्रम:

किसी भी मान्यता प्राप्त विश्व विद्यालय में विभिन्न स्नातकोत्तर डिग्री कार्यक्रम में नामांकित छात्र।

पीएच. डी. कार्यक्रम :  वे छात्र जिन्होंने जीवन विज्ञान की किसी भी शाखा में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है और साथ ही सीएसआर्इआर- यूजीसी/आर्इसीएमआर/डीबीटी द्वारा आयोजित नेट (जेआरएफ) की परीक्षा उत्तीर्ण की हो|

 

आवेदन एवं चयन की प्रक्रिया :

स्नातकोत्तर शोध प्रबन्ध कार्यक्रम: वे छात्र जो अपने स्नातकोत्तर शोध प्रबन्ध को राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान में पूर्ण करने के इच्छुक हैं । वे अपने पूर्ण जीवन वृत के साथ प्रारुप के अनुसार (यहां से डाउनलोड करें) आवेदन-पत्र और कॉलेज/विश्व विद्यालय के प्राचार्य/विभाग प्रमुख से सिफारिशी पत्र निदेशक, रा.म.अ.सं.  को भेज सकते हैं। योग्यता प्राप्त अभ्यर्थियों को आरंभिक छंटनी के पश्चात व्यक्तिगत विचार विमर्श हेतु रा.म.अ.सं., नर्इ दिल्ली में बुलाया जाएगा तदुपरान्त उन्हें पदों की उपलब्धता अनुसार अनुमति प्रदान की जाएगी। प्रतिवर्ष 1 जनवरी से आरंभ होने वाले छ: माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु आवेदन पत्र की अंतिम तिथि 30 नवम्बर है। प्रतिवर्ष जून मे आरंभ होने वाले ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। कृपया आवेदन पत्र Placement.masters@mrcindia.org. पर प्रेषित करें।

 

पीएच.डी. कार्यक्रम : पीएच.डी.  कार्यक्रम के लिए इच्छुक अभ्यर्थी अपना आवेदन पत्र प्रारुप अनुसार (यहां से डाउनलोड करें) पूर्ण जीवन वृत्त और प्रमाणपत्रों एवं उत्तीर्ण की गर्इ परीक्षाओं की अंकतालिकाओं की सत्यापित प्रतियों के साथ निदेशक, रा.म.अ.सं. को भेज दें| यदि अभ्यर्थी ने सीएसआर्इआर/आर्इसीएमआर/डीबीटी द्वारा  आयोजित नेट (जेआरएफ) की परीक्षा उत्तीर्ण की है तो वे उस प्रमाणपत्र की स्केन की हुई प्रतिलिपि आवेदन पत्र के साथ संलग्न करें| इच्छुक अभ्यर्थी जिन्हें नेट (एनईटी) योग्यता प्राप्त नहीं है , वे भी आवेदन कर सकते हैं किंतु ऐसे छात्र रा.म.अ.सं. के बाहरी परियोजना के तहत जेआरएफ/एसआरएफ के लिए चयन  हो जाने  और रा.म.अ.सं. से संबद्ध विश्व विद्यालय से पूर्व पीएच.डी.  प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ ही पी एच.डी. कार्यक्रम के लिए पंजीकृत होने के उपरांत फेलोशिप प्राप्त कर सकते हैं। पी एच.डी. कार्यक्रमों हेतु आवेदन पत्र पूरे वर्ष प्राप्त किए जाते हैं। कृपया अपने आवेदन ई-मेल द्वारा सभी संगत दस्तावेजों के साथ Placement.phd@mrcindia.org. में भेजें।

कृपया ध्यान दें कि इन दोनों कार्यक्रमों में से किसी भी एक कार्यक्रम हेतु संबंधित वैज्ञानिकों/निदेशक को व्यक्तिगत रुप से भेजे गए आवेदनों की हार्ड कॉपी या ई-मेल द्वारा भेजे जाने पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रारुप के अनुसार आवेदन-प्रपत्र न भेजे जाने पर तुरंत अस्वीकृत कर दिया जाएगा।

 

पाठ्यक्रम की फीस तथा प्रयोगशाला व अन्य सुविधाएं :-

स्नातकोत्तर शोध-प्रबंध कार्यक्रम के लिए: कार्यक्रम में प्रवेश के लिए अनुमति पत्र मिलने के पश्चात् एक समयावधि पाठयक्रम (छ: महीने के प्रशिक्षण हेतु) व (तीन महीने के प्रशिक्षण हेतु) के लिए फीस क्रमश: 20,000/- व 10,000/- के डिमाड ड्राफ्ट, के रुप में  निदेशक राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान, नर्इ दिल्ली के नाम जमा करवाना होगा। कार्यक्रम में शामिल होने से पूर्व, अभ्यर्थियों को विधिवत रुप से भरा हुआ “बौद्धिक संपदा अधिकार प्रपत्र” (अनुमति पत्र प्राप्त करने वाले चयनित छात्रों को उपलब्ध) जमा करवाना होगा जो उस कालेज/विश्वविद्यालय से संबंधित विभाग के प्राचार्य /विभागाध्यक्ष द्वारा विधिवत रुप से हस्ताक्षरित होना चाहिए जहां से छात्र स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम कर रहा है।

 

पीएच.डी. पाठ्यक्रम के लिए:-

स्नातकोत्तर शोध-प्रबंध कार्यक्रम: पीएच.डी.  पाठ्यक्रम के लिए कोर्इ फीस नहीं है। यह फीस अभ्यर्थी की उस विश्व विद्यालय, जहां वह पीएच.डी.  डिग्री के लिए पंजीकृत होगा द्वारा उगाही जा सकती है। दोनों ही स्नातकोत्तर एवं पीएच.डी.  पाठ्यक्रम के लिए चयनित अभ्यर्थी किसी वैज्ञानिक के साथ कार्य करेगें और उन्हें अपने शोध कार्य को पूरा करने हेतु प्रयोगशाला एवं अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करने की पूरी अनुमति है। वे समय-समय पर राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान के नियमों एवं निर्देशों का पालन करने के लिए बद्ध  है।

 

सामान्य निर्देश :

 

राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान में अभी स्नातकोत्तर एवं पीएच.डी. पाठ्यक्रम के छात्रों के लिए कोर्इ आवास सुविधा नहीं है। चयनित छात्रों को स्वयं ही आवास की व्यवस्था करनी होगी। चुने गए छात्रों को रा.म.अ.सं. में व्यक्तिगत रुप से किसी चर्चा में हिस्सा लेने के लिए कोर्इ टी.ए./डी.ए. नहीं दिया जाएगा। रा.म.अ.सं. के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में भर्ती छात्र को किसी भी प्रकार की छात्रवृति नहीं दी जाएगी। नेट(जेआरएफ) उत्तीर्ण शोधकर्ता छात्रों को नियमानुसार फैलोशिप, मकान किराया भत्ता व अनुदान प्राप्त होगा।

 

स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम से जुडी अन्य जानकारी हेतु डॉ. अनूप अन्विकर (anvikar@rediffmail.com ) और पीएच.डी.  पाठ्यक्रम के लिए डॉ. आर.सी. धीमान (dhiman@mrcindia.org) से संपर्क करें।

 

रा.म.अ.सं. मलेरिया के भिन्न-भिन्न पहलुओं पर बाहरी निधि विभिन्न विज्ञानीय परियोजनाओं के अंतर्गत नियमित रूप से वैज्ञानिकों को भर्ती करता है| रा.म.अ.सं. में मलेरिया पर काम करने का अवसर प्राप्त करने के लिए कृपया वेकैंसी सेक्शन पर जाएं(http://mrcindia.org/vacancy.htm)।

 

 

 

 

 

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