राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान

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निदेशक के बारे में

डॉ. नीना वलेचा, एम.डी., एफ.ए.एम.एस., राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) की निदेशक मलेरिया एवं चिकित्सीय भेषज विज्ञान में उत्कृष्ट एवं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त एक दक्ष वैज्ञानिक हैं। भारत की मलेरिया औषध नीति, आपके द्वारा औषध विकास एवं औषध प्रतिरोधकता अध्ययनों पर किए गए कार्य की धुरी पर घूमती है। डॉ. वलेचा ने मलेरिया रोधी औषध प्रतिरोधकता निगरानी के लिए राष्ट्रीय रोगवाहक जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के साथ राष्ट्र व्यापी सेंटिनल सिस्टम की शुरुआत की। आपने मलेरिया रोधकों के लिए भेषज सतर्कता कार्यक्रम की शुरुआत की। आपके द्वारा दिए गए साक्ष्य के आधार पर मुखीय आर्टिमिसिनिन एकल चिकित्सा भारत से धीरे-धीरे समाप्त हुई।

आपने भारत में मलेरिया रोधकों के जीसीपी परीक्षणों में अग्रणी भूमिका निभाई है। आपके इस कार्य ने नए मलेरिया रोधकों जैसे प्रोग्राम में अल्फा-बीटा आर्टिथर का परिचय, नए मलेरिया रोधक बुलाक्वैन का रजिस्ट्रेशन, निर्धारित खुराक मिश्रण जैसे आर्टिसुनेट-मैफलाक्वैन, आर्टिसुनेट-एमोडायक्वैन, डीएचए-पाइपराक्वैन और आर्टिरोलैन-पाइपराक्वैन की शुरुआत की। आपके नेतृत्व में मलेरिया शीघ्र नैदानिक परीक्षणों के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन से मान्य अनेक परीक्षण प्रयोगशाला के रुप में एनआईएमआर को एक पहचान मिली है।

आपने जिन अध्ययनों का नेतृत्व किया, वह है - गर्भावस्था में मलेरिया की रोकथाम एवं उपचार और भारत में मलेरिया रोग की समस्या। आप व्यापक केस मैनेजमैंट प्रोजेक्ट का कार्य भी कर रहीं हैं जो कि मलेरिया नियंत्रण का मार्ग प्रशस्त करेगा। आपका नेतृत्व रोगवाहक नियंत्रण के नए साधनों के विकास पर अनुसंधान और कीटनाशक प्रतिरोधकता की निगरानी और डेंगू नियंत्रण के लिए नई प्रौद्योगिकी पर अनुसंधान का भी मार्ग निर्दिष्ट करता है।

आप मलेरिया नीति सलाहकार समिति में भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं जो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को स्वतन्त्र परामर्श प्रदान करने वाली एक सर्वोत्कृष्ट समिति है। आप सीडीएससीओ, डीबीटी, आईसीएमआर, डीएसटी आदि की विशेषज्ञ समितियों की भी सदस्य हैं।

आपके लगभग 130 से भी अधिक पेपर उच्च प्रभावी जर्नलों में प्रकाशित हो चुके हैं। यहीं नहीं, आपको मलेरिया अनुसंधान में आपके योगदानों के लिए डॉ. एम.ओ.टी. अयंगर पुरस्कार सहित अनेक पुरस्कारों से नवाजा गया है।

चयनित प्रकाशन:-

1. वलेचा एन, सावारगाउन्कर डी, श्रीवास्तवा बी, राव बीएच, त्रिपाठी एसके, गॉगते एन, कोचड़, एसके, कुमार एनबी, राजाध्याक्ष जीसी, लखानी जे डी, सोलांकी बीबी, जलाली आरके, अरोड़ा एस, राव ए, साहा एन, अय्यर एसएस, शर्मा पी, अंविकर एआर, कंपेरेजन ऑफ द सेफ्टी एण्ड एफिकेसी  ऑफ फिक्सड-डोज कम्बीनेशन ऑफ आर्टिरोलेन मेलिएत एण्ड पाइपरएक्विन फोसफेट विद क्लोरोक्वीन इन एक्यूट, अनकॉम्पलिकेटिड प्लाज्मोडियम वॉयवैक्स मलेरिया: ए फेस III, मल्टीसेंट्रिक, ओपेन-लेबल स्टडी, मालार। जे-15,42(2016)।

2. मिश्रा एन, प्रजापति एसके, केथोलिया के, भारती आरएस, श्रीवास्तवा बी, फूकन एस, अंविकर एआर, देव वी, सोनल जीएस, धारीवाल एसी, व्हाइट एनजे, वलेचा एन। सरविलिएन्स ऑफ आर्टिमिसिनिन रेजिस्टेंस इन प्लाज्मोडियम फाल्सीपैरेम इन इण्डिया यूसिंग द केल्च 13 मोलिक्युलर मार्कर, एण्टीमाइक्रोब ऐजेंटस कीमोदर। 59, 5:2548-53(2015)।

3.  सिंह आर, सावारगाउन्कर डी, भट्ट आरएम, वलेचा एन, रेपिड डिटेक्शन ऑफ प्लाज्मोडियम वॉयवैक्स इन सालिवा एण्ड ब्लड यूसिंग लूप मेडिऐटिड आईसोथर्मल ऐम्पलिफिकेशन (लैम्प)एसेए, जर्नल ऑफ इंफेक्शन, 67,3,245-247 (2013)।

4. मिश्रा एन, सिंह जेपी, श्रीवास्तवा बी, अरोड़ा यू, शाह एनके, घोष एस के, भट्ट आरएम, शर्मा एसके,, दास एमके, कुमार ए, अंविकर एआर, केथोलिया के, गुप्ता आर, सोनल जीएस, धारीवाल एसी, वलेचा एन, मॉनीटिरिंग एण्टी मलेरियल ड्रग रेजिस्टेंस ऑफ प्लाजमोडियम फाल्सीपैरम इन इंडिया वाया सेंटिनल साईट्स: आउटकमस एण्ड रिस्क फैक्टरस फॉर ट्रीटमैंट फेलियर, 2009-2010, बुल वर्ल्ड हैल्थ आरगेन,90,12,895-904 (2012)

5. शाह एनके, ढिल्लों जीपीएस, दाश एपी, अरोड़ा यू, मेशनिक आर स्टीवन एण्ड वलेचा एन। एण्टीमलेरियल ड्रग रेजीस्टैंस ऑफ प्लाजमोडियम फाल्सीपैरम इन इंडिया: चैंजिस ओवर टाईम एण्ड स्पेस। लेंसेट इंफेक्ट दिस।11, 1,57-64(2011)

6- वलेचा एन, लूआरिसूवान एस, मारतेनस्सॉन ए, अबदुल्ला एसएम, करुदसूइद एस, तांगपुकदि एन, महोन्ती एस, मिश्रा एसके, त्यागी पीके, शर्मा एसके, मोइहरि जे , गौतम ए, राय ए, पालिवाल जेके, कोठारी एम, साहा एन, दाश एपी, बज़ोरकमेन ए, आर्टरोलेन, ए न्यु सिन्थेटिक ट्राईक्सोलेन फॉर ट्रीटमैंट ऑफ अनकाम्पलीकेटिड पी-फाल्सीपैरम मलेरिया: ए फेस 11 मल्टीसेंट्रीक रेन्डॉमाईज़ड डोस फाईन्डिंग क्लिनिकल ट्राईल, क्लिनिकल इंफैक्ट डिसीजिज, 51: 684-691 (2010)

7- वलेचा एन, फायो ए पी, मेक्से एम, न्युटन पी एन, क्रुसूद एस, किओमेनी एस, खानथावांग एम, पोंगवोंगस टी, रुआनगवीरयूथ आर, यूथैसिल सी, उबेन डी, दुपार्क एस, वेचियरी ए, कोरसी एम, राव बीएसके, भट्टाचार्या पी सी, दुभाषी एन, घोष एसके, देव वास,कुमार ए, पुकितायाकामी एस। एन ओपन-लेबल, रेंडमाईज़ड स्टडी ऑफ डाइहाईड्रोआर्टिमिसिनिन-पाइपराक्वीन वर्सिज आर्टिसयुनेट-मेफलोक्वीन फॉर फाल्सीपैरम मलेरिया इन एशिया।प्लास वन, 5,7 (2010)

8- वलेचा एन, श्रीवास्तवा पी, मोहन्ती एसएस, मित्रा पी, शर्मा एसके, त्यागी पीके, शाही बी, दास एमके, नागपाल बीएन, दाश ए पी, शर्मा वाईडी ।थियोरिपेटिक ऐफिकेसी ऑफ आर्टिमीथर-लयेफेनट्राईन इन अनकाम्पलिकेटिड फाल्सीपैरम मलेरिया इन इंडिया। मलेरिया जे,8,107 (2009)

9- वलेचा एन, जोशी एच, मलिक पीके, शर्मा एसके, कुमार ए, त्यागी पीके, शाही बी, दास एमके, नागपाल बीएन, दाश एपी, शर्मा वाईडी। लो ऐफिकेसी ऑफ क्लोरोक्वीन: टाईम टू स्वीच ओवर टू आर्टिमिसिनिन-बेसड

10-वलेचा एन, शर्मा वीपी, देवी सीयू, ए रेपिड इम्युनोक्रोमेटोग्राफिक टैस्ट (आईसीटी) फॉर डायग्नोजिज फाल्सीपैरम  डायोग्नोजिज माईक्रोबियल इन्फेक्ट दिस, 30,257-260 (1998)

पुरस्कार:

डॉ. एम. ओ. टी. आयन्गार अवार्ड-2011, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर),

अहमदाबाद में दिनांक 27 दिसम्बर 2014 में 89 वें आयोजित अखिल भारतीय चिकित्सा सम्मेलन में “भारत में मलेरिया नियंत्रण चुनौतियां एवं अवसर ” पर इण्डियन मेडीकल एसोसिएशन की हीरक जयन्ती पर आईडीपीएल ओरेशन अवार्ड

दिनांक 21 फरवरी 2014 को पंजाब यूनिवर्सिटी, पटियाला में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कीटविज्ञान सम्मेलन में कीटविज्ञानियों की एसोसिएशन द्वारा अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किया गया।

नेशनल साईंसिज इण्डिया, 2013  की फेलोशिप प्रदान की गई।

दिनांक 26-28 दिसम्बर, 2012 को हैदराबाद में बॉयोलोजिस्ट्स की ग्लोबल मीटिंग में ज़ूलोजिकल सोसाइटी ऑफ इण्डिया द्वारा जीवविज्ञान में जीवविज्ञानी के रुप में उत्कृष्ट उपलब्धि हेतु प्रोफेसर बी के दास अवार्ड

दिनांक 16 दिसम्बर 2012 को नई दिल्ली में ईस्ट दिल्ली फिजीशियन्स एसोसिएशन में “मलेरिया के उपचार एवं निदान पर वर्तमान दृष्टिकोण’ के लिए श्रीमती बेला देवी ओरशन अवार्ड

वर्ष 2009 हेतु रोगवाहक जन्य रोगों में उत्कृष्ट योगदान हेतु बेयर इन्वायरनमेंटल साईंस अवार्ड एवं मेडल

 

 

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